भारत सिंह कुशवाह के बुलाने के बावजूद मंच पर नहीं पहुंचीं पूर्व मंत्री, बोलीं—“मंच पर हत्यारे और हत्या के आरोपी बैठे हैं”; “समय सबका बदलता है” वाली टिप्पणी ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चा

डबरा। भारतीय जनता पार्टी के सेवा संकल्प अभियान के तहत डबरा में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मंत्री इमरती देवी के मंच से दूरी बनाने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई। खास बात यह रही कि ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह ने स्वयं मंच से इमरती देवी को कार्यक्रम में मंच पर आने के लिए बुलाया, लेकिन वह मंच पर नहीं गईं और कार्यकर्ताओं के बीच बैठी रहीं। कार्यक्रम के दौरान मंच पर उनकी तस्वीर भी नजर नहीं आई, जिसके बाद मीडिया ने उनसे इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सवाल किए।
सांसद के बुलावे के बाद भी मंच से दूरी
इमरती देवी को मंच पर बुलाने की कोशिश सांसद भारत सिंह कुशवाह की ओर से की गई, लेकिन पूर्व मंत्री ने मंच पर जाने के बजाय नीचे कार्यकर्ताओं के बीच बैठना पसंद किया। इसके बाद जब उनसे मंच पर नहीं जाने की वजह पूछी गई तो उन्होंने कहा कि वह अपनी मर्जी की मालिक हैं और पार्टी की एक कार्यकर्ता के रूप में कार्यकर्ताओं के बीच बैठना उन्हें उचित लगता है। हालांकि, मंच पर उनकी गैरमौजूदगी ने कार्यक्रम की राजनीतिक चर्चा को जरूर बदल दिया।
“मंच पर हत्यारे और हत्या के आरोपी बैठे हैं”
मीडिया से बातचीत में इमरती देवी ने मंच पर बैठे लोगों को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “मंच पर हत्यारे और हत्या के आरोपी भी बैठे हुए हैं।” उन्होंने ऐसे लोगों के साथ मंच साझा करने पर सवाल उठाया और कहा कि वह अच्छे लोगों के साथ बैठना पसंद करती हैं। हालांकि, अपने बयान में उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम लेकर यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका आरोप किसके संदर्भ में है। इसलिए उनके बयान को संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ स्थापित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि उनके द्वारा लगाए गए आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
सांसद की मौजूदगी में बढ़ा बयान का राजनीतिक वजन
इस पूरे घटनाक्रम में सांसद भारत सिंह कुशवाह की मौजूदगी भी चर्चा का अहम हिस्सा बन गई। एक तरफ सांसद स्वयं इमरती देवी को मंच पर बुला रहे थे, वहीं दूसरी तरफ पूर्व मंत्री मंच पर बैठे लोगों को लेकर सवाल उठा रही थीं। यही विरोधाभासी तस्वीर अब डबरा की स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है। मंच पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह राजपूत समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।
“समय सबका बदलता है”—आखिर किस ओर इशारा?
इमरती देवी ने आगे कहा—“समय सबका बदलता है, पहले किसी और का था, अब किसी और का है और आगे किसी और का होगा।” इस टिप्पणी ने उनके मंच से दूरी बनाने की घटना को और राजनीतिक रंग दे दिया। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका इशारा किस व्यक्ति या समीकरण की ओर था, लेकिन डबरा के राजनीतिक गलियारों में इस एक वाक्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
एक मंच, दो तस्वीरें और कई सवाल
सेवा संकल्प कार्यक्रम का उद्देश्य भले ही सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ा रहा हो, लेकिन कार्यक्रम के बाद राजनीतिक चर्चा का केंद्र इमरती देवी का मंच पर न जाना, सांसद का उन्हें बुलाना और उसके बाद आया उनका तीखा बयान बन गया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह केवल मंचीय परिस्थितियों पर इमरती देवी की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया थी या इसके पीछे स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर कोई बड़ा संदेश है। इतना जरूर है कि डबरा के इस कार्यक्रम ने मंच पर मौजूद नेताओं से ज्यादा उस नेता को चर्चा में ला दिया, जो मंच पर गई ही नहीं।




















