सांसदी के बीच दक्षिण में बढ़ी सक्रियता ने बढ़ाई सियासी अटकलें, समर्थकों की नियुक्तियों से नए समीकरणों की चर्चा
ग्वालियर। ग्वालियर के भाजपा सांसद भारत सिंह कुशवाह की पिछले कुछ समय में ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में बढ़ती राजनीतिक सक्रियता ने भाजपा के अंदर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। उनकी अनुशंसा पर दक्षिण क्षेत्र से जुड़े कई कार्यकर्ताओं को अलग-अलग समितियों और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में जगह मिलने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगा है कि क्या 2028 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारत सिंह कुशवाह अभी से दक्षिण में अपनी जमीन तैयार कर रहे हैं?
नियुक्तियों ने बढ़ाई सियासी हलचल
हाल ही में ओमप्रकाश जाजोरिया को ग्वालियर नगर निगम में सांसद प्रतिनिधि बनाए जाने की चर्चा है। वहीं वरिष्ठ नेता अशोक बांदिल को रेलवे सलाहकार समिति में सदस्य बनाए जाने की तैयारी बताई जा रही है। इससे पहले सांसद की अध्यक्षता वाली ‘दिशा’ समिति में अभय चौधरी, कविता सोनी और गिरजा जाटव को सदस्य मनोनीत किया गया था। खास बात यह है कि इन नियुक्तियों में दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से जुड़े चेहरों की मौजूदगी राजनीतिक जानकारों का ध्यान खींच रही है।
सांसद से विधायक बनने की चर्चा क्यों?
सवाल यह है कि यदि भारत सिंह कुशवाह सांसद हैं तो फिर विधानसभा चुनाव लड़ने की जरूरत क्यों पड़ेगी? भाजपा में पहले भी ऐसे उदाहरण सामने आ चुके हैं, जब पार्टी ने सांसदों को विधानसभा चुनाव मैदान में उतारा और बाद में उन्हें राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। प्रहलाद पटेल, नरेंद्र सिंह तोमर, राकेश सिंह, उदय प्रताप सिंह और रीति पाठक इसके उदाहरण रहे हैं।
भारत सिंह कुशवाह कुशवाह समाज और ओबीसी वर्ग से आते हैं। ऐसे में यदि पार्टी भविष्य में उन्हें राज्य की राजनीति में बड़ी भूमिका देने का फैसला करती है तो विधानसभा चुनाव उनके लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक रास्ता हो सकता है। हालांकि यह फिलहाल केवल राजनीतिक चर्चा और संभावनाओं का विषय है।
दक्षिण ही क्यों?
भारत सिंह कुशवाह की पारंपरिक विधानसभा राजनीति ग्वालियर ग्रामीण से जुड़ी रही है। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस के साहब सिंह गुर्जर से हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में ग्वालियर दक्षिण उनके लिए एक नई राजनीतिक जमीन होगी।
दक्षिण से भाजपा के वर्तमान विधायक नारायण सिंह कुशवाह प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। ऐसे में भविष्य में पार्टी नेतृत्व यदि किसी नए और अपेक्षाकृत युवा चेहरे को मौका देने का फैसला करता है, तो दक्षिण में नए समीकरण बन सकते हैं।
दक्षिण में पहले से कई दावेदार
ग्वालियर दक्षिण भाजपा के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण सीट रही है और यहां टिकट के संभावित दावेदारों की चर्चा भी लगातार होती रही है। इनमें मनोज तोमर, देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर ‘रामू’, समीक्षा गुप्ता, मोहित जाट, तुष्मुल झा, सुधीर गुप्ता, पुनीत शर्मा ‘पप्पन’, कमल माखीजानी और प्रांशु शेजवलकर सहित कई नाम राजनीतिक चर्चाओं में हैं।
ऐसे में यदि भारत सिंह कुशवाह दक्षिण की ओर अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाते हैं तो मौजूदा दावेदारों के समीकरण भी प्रभावित होना स्वाभाविक है।
2028 से पहले ही क्यों शुरू हुई चर्चा?
2018 के विधानसभा चुनाव में ग्वालियर दक्षिण में कांग्रेस के युवा नेता प्रवीण पाठक ने भाजपा के नारायण सिंह कुशवाह को महज 121 वोटों से हराया था। हालांकि बाद के चुनाव में भाजपा ने यहां वापसी की। यही वजह है कि दक्षिण को भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए अहम सीट माना जाता है।
फिलहाल भारत सिंह कुशवाह की ओर से 2028 में ग्वालियर दक्षिण से चुनाव लड़ने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन दक्षिण में बढ़ती सक्रियता, समर्थकों को मिल रही जिम्मेदारियां और पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं ने एक सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—क्या 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले भारत सिंह कुशवाह ग्वालियर दक्षिण में अपनी सियासी जमीन तैयार कर रहे हैं?



















