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नाकारा भ्रष्ट सिस्टम की भेंट चढ़ गए पंद्रह घरों के चिरागलेखक – मनोज कुमार अग्रवाल

राजधानी लखनऊ में पंद्रह असीम संभावनाओं से भरे बच्चों की एक अग्निकांड में जान चली गई। लखनऊ के अलीगंज में एक तीन मंजिला इमारत में जहां पालतू पशु दुकान, एनीमेशन और गेमिंग कोचिंग चलती थी जिसमें करीब 25-30 किशोरवय छात्र छात्राएँ पढ़ते थे जिन्होंने अपने भविष्य को गढ़ने के उद्देश्य से स्किल बढ़ाने के लिए इस कोचिंग में एडमिशन लिया था ।

एक हादसे में 15 किशोर बच्चे जान गंवा गए। यहां अपने जिगर के टुकड़ों को पढा लिखा कर भविष्य बनाने के लिए भेजने वाले अभिभावकों को सपने में भी गुमान नही रहा होगा कि यह कोचिंग संस्थान एक दिन लाक्षागृह बन जाएगा और उनके घर के चिराग इस भयानक हादसे में जीवन गंवा देंगे इस बेहद दर्दनाक हादसे में 15 युवाओं की दम घुटने से मौत हो गई।

यह पंद्रह परिवारों के सपनों उम्मीदों की भी मौत हो गई है। ये परिवार इस त्रासद अग्निकांड की मार से इस जीवन में कभी भी नहीं उबर पाएंगे। इस अग्निकांड हादसे की भयावहता का अन्दाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 15 छात्र छात्राओं की मौके पर ही आग से जलकर और धुएं से दम घुटने से मौत हो गई। जबकि सभी छात्र छात्राओं ने खुद को बचाने के लिए सभी प्रयास किए फिर भी वे कामयाब नहीं हो सके।

वे बिल्डिंग से बाहर नहीं निकल सके। आधे दर्जन किशोर घायल हैं जिनका इलाज अस्पताल में हो रहा है। आग से बचाव और बुझाने के लिए दमकल आधे घंटे बाद पहुंची जो अपने आप में बेहद चिंताजनक है।

वहीं मुख्यमंत्री जो दौरे पर थे अपना दौरा छोड़कर मौके पर पहुंचे और उसके बाद उच्च स्तरीय बैठक में घटना की समीक्षा की और मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए दो सदस्यीय एसआइटी गठित करने के आदेश दिए हैं।

देश में आग की घटनाएं अब रोजाना की बात हो गई हैं।कभी नर्सिंग होम और नवजात शिशु केयर सेंटर कभी अस्पतालों, कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्सों, कारखानों, होटल, रेस्तरां और झुग्गी बस्तियों यहां तक की चलती ट्रेन की बोगियों में आग के हादसे सामने आते रहे हैं जिनमें हर साल सैकड़ों जीवन आग की भेंट चढ़ जाते हैं।

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