नीट (NEET-UG 2026) पेपर लीक अब देश के इतिहास का सबसे शर्मनाक अध्याय बन चुका है. रोज नए खुलासे हो रहे हैं. इस पूरे तमाशे के बीच आज देश का हर छात्र और हर अभिभावक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से एक बुनियादी सवाल पूछ रहा है कि आप इतनी बड़ी परीक्षा की सुरक्षा क्यों नहीं कर पा रहे. ये भी कहा जा रहा है कि कभी’केंद्रीय बजट’ आज तक लीक नहीं हुआ पर 22 लाख बच्चों का भविष्य तय करने वाला नीट का पेपर कौड़ियों के भाव कैसे बिक गया? आइए PIB और वित्त मंत्रालय के हवाले से समझते हैं कि आखिर बजट कितने दिनों में तैयार होता है और इसे लीक होने से बचाने के लिए किस स्तर की सुरक्षा प्रणाली अपनाई जाती है.

टाइमलाइन: करीब 5 महीने चलती है बजट बनाने की प्रक्रिया
वित्त मंत्रालय के आधिकारिक गाइडलाइंस के मुताबिक, बजट बनाने की प्रक्रिया एक या दो दिन नहीं, बल्कि पूरे 5 महीने (लगभग 150 दिन) पहले शुरू हो जाती है.
अगस्त (शुरुआत): वित्त मंत्रालय का बजट डिवीजन अगस्त के आखिरी हफ्ते में सभी मंत्रालयों, राज्यों, केंद शासित प्रदेशों और स्वायत्त निकायों को एक ‘बजट सर्कुलर’ जारी करता है.
सितंबर-अक्टूबर: सभी विभाग अपने खर्चों और कमाई का अनुमानित ब्योरा (Statement of Budget Estimates) तैयार कर वित्त मंत्रालय को सौंपते हैं.
अक्टूबर-नवंबर : सभी विभाग अपने खर्चों और कमाई का अनुमानित ब्योरा (Statement of Budget Estimates) तैयार कर वित्त मंत्रालय को सौंपते हैं.
अक्टूबर-नवंबर: वित्त मंत्रालय के अधिकारी अलग-अलग मंत्रालयों के साथ ‘प्री-बजट बैठकें’ करते हैं कि किसे कितना पैसा मिलना चाहिए.
दिसंबर-जनवरी: वित्त मंत्री देश के बड़े उद्योगपतियों, अर्थशास्त्रियों, किसान संगठनों और चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के साथ बैठकें करके उनके सुझाव लेते हैं. इसके बाद बजट को फाइनल टच दिया जाता है.













