परीक्षा शाम क़रीब सवा पांच बजे तक चली, उसके बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने एक बयान जारी कर कहा कि री-एग्ज़ाम में 20 लाख से अधिक स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया.

बयान के अनुसार, “यह परीक्षा देश भर के 5,440 केंद्र और देश से बाहर 14 केंद्रों पर 13 भाषाओं में आयोजित की गई. इस पूरे आयोजन में पुलिसकर्मी, ऑब्ज़र्वर और परीक्षा स्टाफ़ समेत क़रीब सात लाख कर्मचारियों को तैनात किया गया था.” “तमाम राज्य सरकारों ने स्टूडेंट्स और उनके परिजनों के लिए केंद्र के बाहर छांव, पेयजल और खाने का इंतजाम किया था. इसके अलावा एंबुलेंस और मेडिकल सुविधाएं भी थीं. कई राज्यों में निःशुल्क यातायात की व्यवस्था की गई थी.”
एनटीए के बयान के अनुसार, “परीक्षा के दौरान, आधार बेस्ड बायोमेट्रिक और फ़ेस ऑथेंटिकेशन, सीसीटीवी मॉनिटरिंग, जैमर्स और स्थानीय पुलिस की मदद से दो स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई थी.” एनटीए ने रिकॉर्ड 37 दिनों के अंदर दोबारा परीक्षा कराने को अपनी उपलब्धि बताया. इससे पहले शनिवार को सेंटर अलॉट किए जाने को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया था. दरअसल एक स्टूडेंट ने दावा किया था कि उसका परीक्षा केंद्र नागपुर की जगह अबू धाबी आवंटित कर दिया. हालांकि एनटीए ने स्पष्टीकरण जारी कर अबू धाबी सेंटर अलॉट किए जाने की ज़िम्मेदारी कैंडिडेट पर ही डाल दी













