follow us on:

नेतन्याहू इन 5 वजहों से अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर हैं परेशान

इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि न तो वे और न ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हर काम एक-दूसरे की इच्छा से करते हैं. उन्होंने एक बार फिर कहा है कि जब तक ज़रूरी होगा, उनकी सेना दक्षिणी लेबनान में मौजूद रहेगी.

उन्होंने कहा, “हम आज़ाद और गौरवशाली देशों के नेता हैं. कभी-कभी हमारी राय एक-दूसरे से अलग होती है. हम अपने हितों के लिए खड़े होते हैं. मैं इसराइल के हितों और उसकी सुरक्षा के लिए खड़ा हूं.”

नेतन्याहू ने कहा, “हम दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में तब तक मौजूद रहेंगे, जब तक उत्तर में रहने वाले हमारे लोगों और पूरे देश के नागरिकों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी होगा.”

उनका यह बयान ट्रंप के लेबनान में इसराइली कार्रवाई के ख़िलाफ़ दिए गए बयानों पर भी एक तरह की टिप्पणी है.

पिछले सप्ताह फ़्रांस में जी-7 की बैठक के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम बढ़ाने के समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और इस समझौते में एक शर्त यह है कि लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध बंद हो.

Adverise