यूपी पुलिस में तैनात सिपाही सुरेश शर्मा ने विरोधियों को फंसाने के लिए एक ऐसी साजिश की जिस जाल में वह खुद ही फंस गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. एक दर्जन से अधिक मुकदमों में वांछित चल रहे सिपाही सुरेश शर्मा को एसएसपी बरेली के आदेश पर गिरफ्तार किया गया है. उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुका है और वह बर्खास्त भी चल रहा है.

बरेली के सिद्धिविनायक अस्पताल में भर्ती सिपाही सुरेश शर्मा ने कभी भी वर्दी का इस्तेमाल कानून की रक्षा के लिए नही किया. बल्कि उसने जब से सिपाही की वर्दी पहनी तब से वो खाकी की आड़ में गलत काम करता रहा. यही वजह रही उसकी ज्यादातर ड्यूटी सस्पेंशन में कटी और फिर उसके काले कारनामों की वजह से उसे बर्खास्त भी कर दिया गया.
एसएसपी रोहित सिंह सजवान ने बताया कि भमोरा थाना क्षेत्र के सरदार नगर में सिपाही सुरेश शर्मा के पिता ने बीती रात 112 नम्बर पर फोन करके पुलिस को सूचना दी कि उनके बेटे को किसी ने गोली मार दी है और उसे अस्पताल ले जा रहे है. जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की. इसके बाद पुलिस उस अस्पताल पहुची जहां सुरेश को भर्ती किया गया है. जब डॉक्टरों से जानकारी ली गई कि क्या सुरेश के गोली लगी है. तब डॉक्टरों ने बताया कि उसके गोली नहीं लगी है बल्कि उसके पैर में मामूली चोट है.
एसएसपी ने बताया कि सिपाही सुरेश शर्मा वर्तमान में चंदौली से बर्खास्त चल रहा है. उसके ऊपर एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज है और वो वांक्षित भी चल रहा है. कुछ समय पहले उसके खिलाफ एनबीडब्ल्यू वारंट भी जारी हो चुका हैं. एसएसपी का कहना है कि सिपाही ने जो साजिश रची है उसके लिए उसके खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया जाएगा. उन्होने आगे बताया कि सुरेश की गांव में भी आपराधिक छवि है. फिलहाल सिपाही को गिरफ्तार कर लिया गया है.













