ग्वालियर,बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के आनंद नगर तिराहे पर देर रात दो एटीएम में चोरी की कोशिश करने वाले आरोपी को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम के लोअर गेट खोलकर अंदर घुसने और चोरी करने का प्रयास किया था। हालांकि, एटीएम से रकम चोरी होने से पहले ही पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे पकड़ लिया।
रात 2:15 बजे मिली ATM में छेड़छाड़ की सूचना
29 अगस्त की रात करीब 2:15 बजे एटीएम की देखरेख करने वाली एजेंसी के कर्मचारी दीपक शर्मा को मुंबई स्थित एसबीआई हेडक्वार्टर से सूचना मिली कि आनंद नगर तिराहे पर स्थित एसबीआई एटीएम में कोई व्यक्ति छेड़छाड़ कर रहा है। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे। जांच में एसबीआई एटीएम के लोअर गेट के साथ ही पास स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम के लोअर गेट को भी खोलने का प्रयास सामने आया। दोनों एटीएम में चोरी की नीयत से छेड़छाड़ की गई थी। शिकायत पर बहोड़ापुर पुलिस ने अपराध क्रमांक 325/26, धारा 305(ए), 62 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की।
सैकड़ों CCTV फुटेज खंगाले, संदिग्ध की पहचान हुई
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजावल जग्गा को थाना बहोड़ापुर और तकनीकी सेल की टीम गठित कर आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। सीएसपी कृष्ण पाल सिंह के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी निरीक्षक आलोक सिंह परिहार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान घासमंडी निवासी मनोज पाल (26) के रूप में हुई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दबिश देकर उसे चंद घंटों में गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने दोनों एटीएम के लोअर गेट खोलकर चोरी का प्रयास करना स्वीकार किया है। पुलिस आरोपी से आगे पूछताछ कर रही है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी बहोड़ापुर निरीक्षक आलोक सिंह परिहार, उप निरीक्षक देवेन्द्र लोधी, उप निरीक्षक रामचंद्र शर्मा, प्रधान आरक्षक सीताराम तोमर, आरक्षक धर्मपाल तोमर, योगेन्द्र तोमर, बृजकिशोर भदौरिया, सचिन सिकरवार, नागर गुर्जर और संतोष वर्मा सहित सीसीटीवी टीम के प्रधान आरक्षक रामबरन लोधी तथा आरक्षक अनुज जाट, योगेन्द्र सिंह गुर्जर, अंकित मलिक, विकाश माहौर और प्रमोद पाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



















