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हर थाने में होंगे बाल कल्याण अधिकारी, पॉक्सो मामलों में 24 घंटे के भीतर होगी कार्रवाई: डॉ. निवेदिता शर्मा

ग्वालियर। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि जिले के हर पुलिस थाने में बाल कल्याण अधिकारी नियुक्त किए जाएं और उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाए, ताकि वे पॉक्सो एक्ट सहित अन्य कानूनों के तहत बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।

सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समन्वय बैठक में डॉ. शर्मा ने बाल अधिकार, बाल संरक्षण व्यवस्थाओं तथा शासकीय एवं अशासकीय बाल देखरेख संस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज प्रत्येक प्रकरण को 24 घंटे के भीतर जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवेश बघेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास उपासना राय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एस. सागर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

डॉ. शर्मा ने निर्देश दिए कि पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 5 और 6 के प्रत्येक मामले में अनिवार्य रूप से सपोर्ट पर्सन नियुक्त किया जाए। साथ ही बाल संरक्षण संस्थाओं में रहने वाले बच्चों का नियमित स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ऑडिट कराने, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में शुद्ध पेयजल व स्वच्छ शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने बच्चों को नशे की प्रवृत्ति से बचाने के लिए ग्वालियर में रिहैबिलिटेशन सेंटर शुरू करने, बाल श्रम रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने तथा सुनने में असमर्थ छह वर्ष तक के बच्चों की पहचान कर सरकारी खर्च पर कोक्लियर इम्प्लांट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

बैठक में पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, बाल विवाह निषेध, शिक्षा का अधिकार, कुपोषण, गुमशुदा एवं जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान, पुनर्वास तथा छात्रावासों एवं बाल देखरेख संस्थाओं की व्यवस्थाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के अंत में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत ने सभी संबंधित विभागों को आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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24/08/2026