गुना पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी पति को न्यायालय ने भेजा जेल
गुना। दहेज की मांग को लेकर नवविवाहिता को कथित रूप से प्रताड़ित करने और उसकी आत्महत्या के मामले में म्याना थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को अपराध दर्ज होने के महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया।
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के नेतृत्व में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को प्राथमिकता देते हुए प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन और एसडीओपी गुना विवेक अष्ठाना के पर्यवेक्षण में म्याना थाना प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह भदौरिया की टीम ने यह कार्रवाई की।
मामला म्याना थाना क्षेत्र के ग्राम रीछई का है। यहां 24 वर्षीय नवविवाहिता प्रियंका पत्नी मनीष यादव ने 10 जुलाई 2026 को जहरीले पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। नवविवाहिता की मौत से जुड़े मामले की जांच एसडीओपी गुना द्वारा की गई।
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पाया कि विवाह के बाद से ही मृतिका का पति मनीष यादव कथित तौर पर दहेज की मांग को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा था। पुलिस जांच में दहेज प्रताड़ना से परेशान होकर नवविवाहिता द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात सामने आई।
जांच के आधार पर 9 अगस्त 2026 को म्याना थाने में अपराध क्रमांक 200/26, धारा 80(2), 85 बीएनएस एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने तलाश शुरू की।
पुलिस को 10 अगस्त को मुखबिर से आरोपी के संबंध में सूचना मिली। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी मनीष पुत्र भानू यादव, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम रीछई, थाना म्याना, जिला गुना को गिरफ्तार कर लिया। वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इनकी रही अहम भूमिका
कार्रवाई में एसडीओपी गुना विवेक अष्ठाना, म्याना थाना प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह भदौरिया, सउनि श्रीनंदन सिंह रघुवंशी, आरक्षक किशन धाकड़, आरक्षक देवदत्त वर्मा, आरक्षक मुनेश जाटव एवं आरक्षक रंजीत सिंह का विशेष योगदान रहा।
गुना पुलिस ने कहा है कि महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को गंभीरता से लिया जा रहा है और ऐसे मामलों में त्वरित जांच, प्रभावी वैधानिक कार्रवाई तथा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।

















