ग्वालियर, 3 अगस्त। ग्वालियर जिले में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। कलेक्टर रुचिका चौहान की अध्यक्षता में आयोजित अंतरविभागीय समन्वय बैठक में अभियान को प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने के लिए सभी विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि यह अभियान केवल औपचारिक शिविर नहीं, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बने।

7 अगस्त से होगी शुरुआत, हर शुक्रवार लगेंगे शिविर
कलेक्टर ने बताया कि 7 अगस्त 2026 से 8 जनवरी 2027 तक जिले के विभिन्न विकासखंडों में प्रत्येक शुक्रवार मुख्यमंत्री जन-विश्वास शिविर आयोजित किए जाएंगे। अभियान का पहला जिला स्तरीय शिविर घाटीगांव विकासखंड से शुरू होगा। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिविर से पहले गाँवों में पहुँचकर लोगों को जानकारी दें, उनकी समस्याओं का पूर्व सर्वे करें और शिविर में उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
सीएम हेल्पलाइन से होगी निगरानी
अभियान के तहत प्राप्त प्रत्येक आवेदन की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी आवेदनों को सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज कर समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों का भी प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।
एक ही स्थान पर मिलेंगी कई शासकीय सेवाएँ
कलेक्टर रुचिका चौहान ने निर्देश दिए कि प्रत्येक शिविर में मेडिकल बोर्ड की उपस्थिति अनिवार्य रहे, ताकि दिव्यांगजनों को मौके पर ही दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी किया जा सके। इसके अलावा शिविरों में:
- स्वास्थ्य परीक्षण
- टीबी स्क्रीनिंग
- गैर-संचारी रोग (NCD) मरीजों को दवाओं का वितरण
- आयुष्मान कार्ड निर्माण
- समग्र आईडी की ई-केवाईसी
- विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित सेवाएँ
एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएँगी, जिससे नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
विकास कार्यों का भी होगा जमीनी मूल्यांकन
बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को सड़कों की मरम्मत, दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट की पहचान और सुधार, जल जीवन मिशन के कार्यों, सार्वजनिक परिसंपत्तियों, शासकीय संस्थानों और विभिन्न विभागीय योजनाओं का नियमित निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। उद्देश्य यह है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और सरकारी सेवाओं की प्रभावशीलता का वास्तविक आकलन किया जा सके।
जनता और प्रशासन के बीच बढ़ेगा विश्वास
कलेक्टर ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल शिकायतों का निराकरण करना नहीं, बल्कि शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुँचाना और प्रशासन के प्रति आमजन का विश्वास मजबूत करना है। यदि सभी विभाग समन्वय और जवाबदेही के साथ कार्य करेंगे तो यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन और जनसेवा का प्रभावी मॉडल बन सकता है।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान से उम्मीद की जा रही है कि सरकारी सेवाओं की पहुँच आसान होगी, लंबित समस्याओं का मौके पर समाधान मिलेगा और आम नागरिकों को समयबद्ध एवं पारदर्शी प्रशासनिक सेवाओं का लाभ प्राप्त होगा।

















