गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में युवक-युवती के साथ लूट और दुष्कर्म के प्रयास के मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मामले में कुल सात आरोपी शामिल थे, जिनमें से दो की तलाश जारी है। त्वरित कार्रवाई को महिला सुरक्षा के प्रति पुलिस की गंभीरता और अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।
मंदिर से लौट रहे युवक-युवती को बनाया निशाना

पुलिस के मुताबिक, 30 जुलाई 2026 की रात धरनावदा थाना क्षेत्र में मंदिर से लौट रहे युवक और युवती को गादेर गांव के पास हाईवे पर कुछ बदमाशों ने रोक लिया। आरोपियों ने दोनों को जंगल की ओर ले जाकर मारपीट की, मोबाइल फोन, पर्स और अन्य सामान लूट लिया तथा युवती के साथ कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास किया।
इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने तत्काल डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस टीम के मौके पर पहुंचने से पहले आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि समय पर मिली सूचना और त्वरित प्रतिक्रिया से संभावित गंभीर अपराध को टालने में मदद मिली।
एसपी हितिका वासल ने संभाली जांच की कमान
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने तत्काल विशेष जांच के निर्देश दिए। अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया तथा विशेष जांच दल (SIT) बनाया गया। एसडीओपी राघौगढ़ दीपा डोडवे के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।
24 घंटे में पांच आरोपी गिरफ्तार
लगातार दबिश और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर लूटा गया मोबाइल फोन, पर्स और अन्य सामान भी बरामद किया गया है। शेष दो आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
महिला सुरक्षा पर सख्त संदेश
गुना पुलिस का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर जिले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई, वैज्ञानिक जांच और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस का दावा है कि फरार दोनों आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कई थाना क्षेत्रों और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई
इस पूरे ऑपरेशन में धरनावदा, राघौगढ़, कैंट, कोतवाली, फतेहगढ़, आरोन, बजरंगगढ़ थाना पुलिस, पुलिस लाइन और साइबर सेल की संयुक्त टीमों ने समन्वय के साथ कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल के कारण इस गंभीर मामले का कम समय में खुलासा संभव हो सका।

















