ग्वालियर। ग्वालियर पुलिस ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए जिलेभर में देर रात व्यापक कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव के निर्देशन में शहर और देहात के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई करते हुए फरार वारंटियों, आदतन अपराधियों, गुंडों, हिस्ट्रीशीटरों और जिला बदर बदमाशों की धरपकड़ की गई। अभियान के दौरान 249 फरार वारंटियों की गिरफ्तारी और 272 आदतन अपराधियों की सघन चेकिंग ने अपराधियों में हड़कंप मचा दिया।
एसएसपी ने खुद संभाली अभियान की कमान
कॉम्बिंग गश्त की पूरी रणनीति वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव के नेतृत्व में तैयार की गई। एसएसपी स्वयं देर रात शहर में निकले और विभिन्न थाना क्षेत्रों में चल रहे अभियान का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराधियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों की मैदान में मौजूदगी से अभियान और अधिक प्रभावी रहा।
249 वारंटियों की गिरफ्तारी, न्यायिक प्रक्रिया को मिली गति
अभियान के दौरान पुलिस ने 126 स्थायी वारंट और 123 गिरफ्तारी वारंट तामील कराते हुए कुल 249 फरार वारंटियों को गिरफ्तार किया। लंबे समय से कानून से बच रहे आरोपियों पर यह कार्रवाई पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे न्यायिक प्रक्रिया को भी गति मिलने की उम्मीद है।
272 गुंडे और हिस्ट्रीशीटर पुलिस की रडार पर
कॉम्बिंग अभियान के दौरान पुलिस ने 133 गुंडों और 139 हिस्ट्रीशीटरों सहित कुल 272 आदतन अपराधियों की गहन जांच की। उनके आपराधिक रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया, वर्तमान गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई और भविष्य में अपराध की पुनरावृत्ति करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
शहर से गांव तक सघन चेकिंग
पुलिस टीमों ने शहर की गलियों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पैदल गश्त कर लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाया। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी गई। इसके अलावा होटल, लॉज, धर्मशाला, ढाबों और बैंक एटीएम की भी जांच की गई। संदिग्ध वाहनों और मुंह ढककर घूमने वाले दोपहिया वाहन चालकों की भी सघन जांच की गई।
एनडीपीएस एक्ट में भी कार्रवाई
अभियान के दौरान थाना इंदरगंज क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के तहत एक प्रकरण भी दर्ज किया गया। इससे साफ है कि ग्वालियर पुलिस न केवल वारंटियों की गिरफ्तारी पर फोकस कर रही है, बल्कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई कर रही है।
जेल से छूटे बदमाश भी पुलिस की निगरानी में
कॉम्बिंग गश्त के दौरान हाल ही में जेल से रिहा हुए आरोपियों की भी जांच की गई। पुलिस ने उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि वे दोबारा अपराध में शामिल पाए गए तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अपराधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव, जनता में बढ़ा विश्वास
यह अभियान केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अपराधियों में मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति भी साबित हुआ। आधी रात को शहर और ग्रामीण इलाकों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ग्वालियर पुलिस हर समय सतर्क और तैयार है।
ग्वालियर पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि जिले में अपराध और अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं है। लगातार चल रहे ऐसे अभियानों से जहां अपराधियों में भय का माहौल बन रहा है, वहीं आम नागरिकों का पुलिस पर भरोसा भी लगातार मजबूत हो रहा है।

















