ग्वालियर, 31 जुलाई। ग्वालियर के तिघरा थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद ने उस समय खतरनाक मोड़ ले लिया, जब एक व्यक्ति ने मकान की छत पर चढ़कर 315 बोर के देशी कट्टे से फायरिंग कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। हालांकि, पुलिस की तत्परता, धैर्य और पेशेवर रणनीति के चलते एक संभावित बड़ा हादसा टल गया और आरोपी को बिना किसी जनहानि के सुरक्षित गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, ग्राम सौजना निवासी अरविन्द्र गुर्जर ने शिकायत दर्ज कराई कि 30 जुलाई की शाम उनके बड़े भाई के दामाद योगेन्द्र उर्फ जोगेन्द्र गुर्जर अपनी पत्नी को मायके ले जाने की बात को लेकर विवाद करने लगा। कहासुनी बढ़ने पर आरोपी गुस्से में मकान की छत पर चढ़ गया और 315 बोर के देशी कट्टे से एक राउंड फायर कर दिया। गोली किसी व्यक्ति को नहीं लगी, लेकिन फायरिंग की आवाज से परिवार और आसपास के लोग दहशत में आ गए।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तिघरा, बहोड़ापुर, जनकगंज और पुरानी छावनी थाना पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने जल्दबाजी करने के बजाय पहले आरोपी को शांत करने और आत्मसमर्पण के लिए समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक बातचीत और समझाइश के बाद बहोड़ापुर थाना प्रभारी निरीक्षक आलोक परिहार सीढ़ी के माध्यम से छत पर पहुंचे और सूझबूझ से आरोपी का विश्वास जीतकर उसके हाथ से लोडेड देशी कट्टा सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया।
कट्टे की जांच करने पर उसमें एक मिस फायर कारतूस मिला। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को सुरक्षित नीचे उतारकर हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उसकी जेब से एक और जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान योगेन्द्र उर्फ जोगेन्द्र गुर्जर (38 वर्ष) निवासी ग्राम घसटुआ, थाना सुमावली, जिला मुरैना (हाल निवासी अटल गेट के पास, पुरानी छावनी, ग्वालियर) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से 315 बोर का एक देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
तिघरा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं एवं आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते संयमित कार्रवाई नहीं की जाती, तो घटना गंभीर रूप ले सकती थी। पुलिस की सतर्कता और पेशेवर रवैये ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।

















