ग्वालियर | 31 जुलाई 2026
मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका धर्म, अध्यात्म और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित जीवन दर्शन है। हमारी संस्कृति “वसुधैव कुटुम्बकम” के सिद्धांत को मानती है और यही आध्यात्मिक शक्ति भारत को विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ने की ताकत देती है।
वे ग्वालियर स्थित तुलसी मानस प्रतिष्ठान के स्वर्ण जयंती समारोह के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने की।
आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने का आह्वान
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया के कई देशों में अस्थिरता और अराजकता बढ़ रही है। ऐसे समय में विश्व को भारत जैसे देश के नेतृत्व की आवश्यकता है, जो पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की भावना रखता है।
उन्होंने कहा कि भारत को अपनी आध्यात्मिक धरोहर और सांस्कृतिक विरासत को केवल संरक्षित ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक और अधिक सशक्त रूप से पहुंचाना होगा। उन्होंने युवाओं से आधुनिकता को अपनाने के साथ-साथ अपनी संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान किया।
रामचरितमानस जीवन को सही दिशा देने वाला ग्रंथ
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रामचरितमानस केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला प्रेरणा स्रोत है। यदि इसके आदर्शों को जीवन में अपनाया जाए तो व्यक्ति गलत मार्ग पर नहीं भटकता।
उन्होंने संस्कारयुक्त शिक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षा का उद्देश्य अच्छे संस्कार और चरित्र निर्माण भी होना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि संस्कारवान युवा ही वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र और विश्वगुरु बनाने के संकल्प को साकार करेंगे।
बुराइयों से मुक्ति का मार्ग अध्यात्म में: नरेन्द्र सिंह तोमर
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि समाज की बुराइयों से बाहर निकलने का सबसे प्रभावी मार्ग अध्यात्म है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से वर्षों पहले तुलसी मानस प्रतिष्ठान की स्थापना की गई थी और आज संस्था ने अपनी 50 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पूरी की है।
उन्होंने कहा कि तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस ऐसा ग्रंथ है, जो व्यक्ति के भीतर विनम्रता, श्रद्धा और कृतज्ञता जैसे गुणों का विकास करता है। उन्होंने संस्था के पदाधिकारियों को स्वर्ण जयंती पर शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि प्रतिष्ठान भविष्य में भी सनातन संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।
ग्रंथालय विस्तार के लिए विधायक निधि से 5 लाख रुपये की घोषणा
इस अवसर पर ग्वालियर विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने तुलसी मानस प्रतिष्ठान के ग्रंथालय के विस्तार के लिए अपनी विधायक निधि से 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठान पिछले 50 वर्षों से गोस्वामी तुलसीदास के साहित्य और रामचरितमानस के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य कर रहा है।
सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बना प्रतिष्ठान
पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने कहा कि तुलसी मानस प्रतिष्ठान धार्मिक और आध्यात्मिक जागरण के साथ-साथ समाज में राष्ट्रभाव और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम में जड़ेरूआ धाम के संत हरिदास जी महाराज, तुलसी मानस प्रतिष्ठान के अध्यक्ष अभय पापरीकर, महेश मुदगल सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

















