ग्वालियर | 28 जुलाई 2026
मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. केलाश जाटव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अनुसूचित जाति वर्ग के सभी पात्र हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनके जीवन स्तर में प्रभावी सुधार हो सके।
डॉ. जाटव ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर कुमार सत्यम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुजान सिंह रावत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अनुसूचित जाति बहुल बस्तियों में 18 प्रतिशत बजट खर्च करने के निर्देश
बैठक के दौरान डॉ. केलाश जाटव ने स्पष्ट कहा कि शासकीय योजनाओं में उपलब्ध बजट का कम से कम 18 प्रतिशत हिस्सा अनुसूचित जाति बहुल बस्तियों के विकास कार्यों पर खर्च किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को इस प्रावधान का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य शिविर और हॉस्टलों के निरीक्षण पर जोर
अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
इसके साथ ही उन्होंने राजस्व अधिकारियों को अनुसूचित जाति वर्ग के लिए संचालित सभी छात्रावासों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हॉस्टलों में विद्यार्थियों के लिए भोजन, स्वच्छता, पेयजल, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा
बैठक में अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें प्रमुख रूप से डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना, आचार्य विद्यासागर गौ सेवा सम्मान योजना, राहत योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाएं शामिल रहीं।
अध्यक्ष ने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को बिना किसी देरी के लाभ उपलब्ध कराया जाए।
स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर विशेष जोर
बैठक में अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें प्रमुख रूप से डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना, आचार्य विद्यासागर गौ सेवा सम्मान योजना, राहत योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाएं शामिल रहीं।
अध्यक्ष ने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को बिना किसी देरी के लाभ उपलब्ध कराया जाए।
ग्रामीण विकास योजनाओं की भी हुई समीक्षा
समीक्षा बैठक के दौरान ग्रामीण विकास योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. जाटव ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए जिले में आजीविका मॉल स्थापित किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनुसूचित जाति बहुल इलाकों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए तथा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेज गति से किया जाए।
अधिकारियों ने प्रस्तुत की प्रगति रिपोर्ट
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुजान सिंह रावत ने जिले में ग्रामीण विकास और जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी।
बैठक के अंत में आयोग के अध्यक्ष ने सभी अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध कार्यवाही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

















