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अमेरिका में बैठकर नहीं, ग्वालियर के होटल से चल रही थी साइबर ठगी की फैक्ट्री! मोहना पुलिस ने फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का किया भंडाफोड़

लोन दिलाने का झांसा देकर अमेरिकी नागरिकों को बनाते थे शिकार, 4 आरोपी गिरफ्तार; मास्टरमाइंड फरार, लैपटॉप-मोबाइल और ठगी की स्क्रिप्ट बरामद

ग्वालियर। ग्वालियर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मोहना क्षेत्र में संचालित एक फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। एनएच-46 स्थित जैनपथ होटल के कमरों से चल रहे इस कॉल सेंटर के जरिए अमेरिकी नागरिकों को लोन दिलाने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी की जा रही थी। पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड प्रवल प्रताप सिंह परिहार फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

मुखबिर की सूचना पर होटल में मारी दबिश

25 जुलाई को मोहना पुलिस को सूचना मिली कि जैनपथ होटल में कुछ लोग इंटरनेशनल कॉल सेंटर की आड़ में विदेशी नागरिकों से साइबर ठगी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जयराज कुबेर, एसडीओपी घाटीगांव शैलेन्द्र शर्मा और थाना प्रभारी विनय सिंह तोमर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने होटल में दबिश देकर कमरा नंबर-06 से चार युवकों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

अमेरिका की कंपनी का एजेंट बनकर करते थे ठगी

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी खुद को अमेरिका की “लेंडिंग क्लब” कंपनी का एजेंट बताते थे। पहले अमेरिकी नागरिकों को लोन का झांसा दिया जाता था, फिर उनसे सोशल सिक्योरिटी नंबर, बैंकिंग जानकारी और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर एप्पल गिफ्ट कार्ड, नाइकी गिफ्ट कार्ड समेत अन्य डिजिटल गिफ्ट वाउचर हासिल कर लाखों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया जाता था।

फर्जी विदेशी नामों से करते थे बातचीत

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अपनी असली पहचान छिपाने के लिए विदेशी नामों का इस्तेमाल करते थे। अभिषेक राजपूत खुद को FRANK, शुभोम घोष LUIS HAMILTON और आर्यन राजपूत BRUCE बताकर अमेरिकी नागरिकों से अंग्रेजी में बातचीत करते थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो।

मास्टरमाइंड देता था सैलरी और कमीशन

गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे पिछले करीब पांच महीने से होटल में रहकर इस फर्जी कॉल सेंटर का संचालन कर रहे थे। पूरे नेटवर्क का संचालन प्रवल प्रताप सिंह परिहार करता था, जो हर कर्मचारी को 15 से 20 हजार रुपये मासिक वेतन नकद देता था। इसके अलावा जितनी ठगी होती थी, उसका पांच प्रतिशत कमीशन भी कर्मचारियों को दिया जाता था।

साढ़े तीन लाख से ज्यादा का सामान जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, चार हेडफोन, चार्जर, अमेरिकी नागरिकों को ठगने के लिए तैयार अंग्रेजी स्क्रिप्ट, ग्राहकों का डेटा और कॉल सेंटर संचालन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब ₹3.75 लाख बताई गई है।

आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2), 3(5) तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। फरार मास्टरमाइंड की तलाश जारी है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क देश के अन्य राज्यों या विदेशों तक फैला हुआ है या नहीं।

साइबर अपराध पर पुलिस की बड़ी सफलता

मोहना पुलिस की यह कार्रवाई ग्वालियर पुलिस के साइबर अपराध विरोधी अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह गिरोह लंबे समय से विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर संगठित तरीके से साइबर ठगी कर रहा था। पुलिस अब इस गिरोह के वित्तीय लेन-देन, अन्य साथियों और अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी गहन जांच कर रही है।

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