माधौगंज पुलिस की कार्रवाई, चिरवाई नाके के पास घेराबंदी कर आरोपी गिरफ्तार, दूसरा आरोपी अब भी फरार।
शराब के पैसों का विवाद बना हत्या की वजह
ग्वालियर के थाना माधौगंज क्षेत्र में शराब पीने के पैसों के बंटवारे को लेकर हुआ विवाद एक व्यक्ति की जान ले बैठा। मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया और आरोपियों ने मनोज कुमार के साथ डंडों, लात-घूंसों और धक्का देकर मारपीट कर दी। धक्का लगने से वह कंक्रीट की नाली पर गिर पड़े, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पहले हादसा लगा, जांच में निकली हत्या
17 जुलाई को घायल होने के बाद मनोज कुमार का इलाज अस्पताल में चल रहा था। 19 जुलाई को उनकी मौत हो गई। शुरुआत में मामला दुर्घटना का प्रतीत हुआ, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट, अस्पताल के दस्तावेज, परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा न्यायालय में दर्ज कथनों के आधार पर पुलिस ने इसे हत्या का मामला माना और बीएनएस की धारा 103(1) एवं 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबोचा आरोपी
एसएसपी धर्मवीर सिंह के निर्देश पर गठित टीम को शनिवार को सूचना मिली कि आरोपी विकास उर्फ सोनू सेन शहर छोड़कर भागने की फिराक में चिरवाई नाके के पास खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्म
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी विकास उर्फ सोनू सेन ने अपने साथी प्रवीण वाल्मीकि के साथ मिलकर शराब के पैसों के बंटवारे को लेकर मनोज कुमार से मारपीट करना स्वीकार किया। पुलिस के अनुसार, इसी मारपीट में लगी गंभीर चोट के कारण मनोज कुमार की मौत हुई।
दूसरे आरोपी की तलाश जारी
मामले का दूसरा आरोपी प्रवीण वाल्मीकि अभी फरार है। माधौगंज पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई
पूरे अभियान की मॉनिटरिंग वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (पश्चिम/अपराध) सुमन गुर्जर तथा सीएसपी लश्कर किरण अहिरवार के निर्देशन में की गई। थाना प्रभारी उपनिरीक्षक दिव्या तिवारी के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक दिव्या तिवारी, प्रधान आरक्षक राजेश सिकरवार, आरक्षक मुकेश दंडोतिया, रोहित कौरव, गौरव तोमर, जितेंद्र तुरेले, देवेश कुमार, महिला आरक्षक रेणु जाट तथा आरक्षक हरेंद्र कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

















