दतिया एसपी की मौजूदगी में मंच से नरोत्तम मिश्रा का बयान बना चर्चा का विषय, राजनीतिक गलियारों में निकाले जा रहे कई मायने।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच पूर्व गृह मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का एक बयान तेजी से राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गया है। मंच से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “मैं भूलने वाला प्राणी नहीं हूं… मैं याद रखता हूं… मैं दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं।” उनके इस बयान के दौरान मंच पर दतिया के पुलिस अधीक्षक (SP) भी मौजूद थे, जिसके बाद इस टिप्पणी को लेकर तरह-तरह की राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
हाल ही में भाजपा द्वारा दतिया उपचुनाव में डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उनके समर्थकों में भारी नाराज़गी देखने को मिली थी। विरोध प्रदर्शन, सड़क जाम और राजनीतिक हलचल के बीच मिश्रा ने बाद में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में मंच साझा किया और भावुक भी हुए थे।
इसी क्रम में अब उनका यह नया बयान—”मैं भूलने वाला प्राणी नहीं हूं, दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं”—सियासी हलकों में नई बहस का विषय बन गया है। हालांकि डॉ. मिश्रा ने अपने संबोधन में किसी व्यक्ति या अधिकारी का नाम लेकर कोई आरोप नहीं लगाया, लेकिन मंच पर दतिया एसपी की मौजूदगी के कारण इस बयान के कई राजनीतिक और प्रशासनिक मायने निकाले जा रहे हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपचुनाव के संवेदनशील माहौल में इस तरह के बयान आने वाले दिनों में और चर्चाओं को जन्म दे सकते हैं। वहीं, इस बयान पर अभी तक न तो डॉ. नरोत्तम मिश्रा की ओर से कोई अतिरिक्त स्पष्टीकरण आया है और न ही दतिया पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की गई है। इसलिए इस बयान की किसी विशेष व्यक्ति या घटना से सीधी व्याख्या करना उचित नहीं होगा।

















