रेत माफियाओं पर कार्रवाई होते ही आधी रात को भी थाना प्रभारी तक पहुंचता है फोन? सत्ता मिलते ही बदल गए तेवर, बड़ा खुलासा अगले अंकों में।
किस रेत माफिया की पैरवी का दावा किया जा रहा है?
ग्वालियर-चंबल अंचल में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच राजनीतिक गलियारों में मोहनपुर के एक प्रभावशाली नेताजी को लेकर नई चर्चाएं तेज हो गई हैं। चर्चा है कि रेत कारोबार से जुड़े लोगों पर जब भी पुलिस या प्रशासन कार्रवाई की तैयारी करता है, तब कथित तौर पर उनकी पैरवी के लिए थाना प्रभारी तक फोन पहुंचने लगते हैं। इतना ही नहीं, यह भी कहा जा रहा है कि कई मामलों में आधी रात को भी हस्तक्षेप की कोशिशें की जाती हैं। जनप्रतिनिधि अब अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के संरक्षक बनते जा रहे हैं? यदि ऐसा है, तो यह कानून व्यवस्था और सुशासन दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
बड़ा खुलासा अगले अंकों में…
अगले अंक में पढ़िए—
- किस रेत माफिया की पैरवी का दावा किया जा रहा है?
- किन अधिकारियों तक पहुंच रहे हैं फोन?
- सत्ता मिलने के बाद किन-किन विवादों में सामने आया नेताजी का नाम?

















