नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के नवीनतम संस्करण में देशवासियों को संबोधित करते हुए नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और युवा शक्ति की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में समाजहित में कार्य कर रहे लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने युवाओं से विज्ञान, तकनीक, स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज भारत के युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से स्थानीय उत्पादों को अपनाने और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करने की भी अपील की।
पर्यावरण संरक्षण का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियानों में जनभागीदारी को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा केवल सरकार का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यदि हर व्यक्ति अपने स्तर पर छोटे-छोटे प्रयास करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले अनेक प्रेरणादायक उदाहरणों का भी उल्लेख किया। उन्होंने उन लोगों की प्रशंसा की जो शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
प्रधानमंत्री ने नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह करते हुए कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करेगा। उन्होंने युवाओं, किसानों, महिलाओं और उद्यमियों की भूमिका को देश के विकास में महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें सकारात्मक सोच के साथ समाज और राष्ट्र के हित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्वास जताया कि जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों से भारत विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

















