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रिश्ते की रंजिश में चली गोली, लेकिन मुरार पुलिस की घेराबंदी से बच नहीं सके आरोपी

एसएसपी धर्मवीर सिंह की सख्ती और थाना प्रभारी मैना पटेल की रणनीति लाई रंग, मुख्य आरोपी समेत दो गिरफ्तार, देशी अधिया बरामद

ग्वालियर। सगाई को लेकर शुरू हुई पारिवारिक रंजिश खूनी हमले में बदल गई, लेकिन मुरार पुलिस की तेज़, सटीक और सुनियोजित कार्रवाई ने फरार आरोपियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। युवक की हत्या की नीयत से की गई फायरिंग के मामले में मुख्य आरोपी धीरज गौड़ और उसके साथी श्यामू गुर्जर को पुलिस ने दबोच लिया। दोनों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त 315 बोर की देशी अधिया और दो जिंदा कारतूस भी बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस अब फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

रिश्ता तोड़ने का दबाव बना, इंकार मिला तो चला दी गोली

पुलिस जांच के मुताबिक फरियादी जयप्रकाश उर्फ गोलू गौड़ की सगाई पिछोर निवासी युवती से तय हुई थी। युवती के रिश्तेदार इस सगाई के खिलाफ थे। इसी रंजिश में मुख्य आरोपी धीरज गौड़ ने जयप्रकाश को बातचीत के बहाने ग्वालियर बुलाया। बड़ा गांव पुल पर पहले गाली-गलौज हुई, फिर रिश्ता तोड़ने का दबाव बनाया गया। जब जयप्रकाश ने इंकार किया तो धीरज ने देशी कट्टे से फायर झोंक दिया। निशाना जयप्रकाश था, लेकिन गोली उसके साथ बैठे दोस्त अनिल शर्मा की कोहनी में जा लगी।

एसएसपी की सख्ती के बाद बदला ऑपरेशन का मोड

घटना सामने आते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने इसे गंभीरता से लिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजावल जग्गा को स्पष्ट निर्देश दिए कि घटना में शामिल हर आरोपी जल्द सलाखों के पीछे होना चाहिए। इसके बाद पूरे मामले की मॉनिटरिंग शुरू हुई और मुरार पुलिस को लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

सीएसपी की निगरानी, थाना प्रभारी की रणनीति और टीमवर्क ने दिलाई सफलता

सीएसपी मुरार संदीप बांगरे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक मैना पटेल ने पुलिस टीम के साथ आरोपियों की तलाश का ऐसा जाल बिछाया कि फरार आरोपी ज्यादा दिन तक पुलिस से बच नहीं सके। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया, संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ाई गई और लगातार दबिश दी गई।

इसी रणनीति का नतीजा रहा कि मुख्य आरोपी धीरज गौड़ फूटी कॉलोनी में पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पूछताछ में उसने अपने साथी श्यामू गुर्जर का नाम उजागर किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।

आरोपियों की निशानदेही पर बरामद हुआ जानलेवा हथियार

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर वारदात में इस्तेमाल की गई 315 बोर की देशी अधिया और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। हथियार की बरामदगी ने पुलिस जांच को और मजबूत बना दिया है।

फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश

पुलिस का कहना है कि इस वारदात में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार करने की तैयारी है।

मुरार पुलिस का टीमवर्क बना सफलता की सबसे बड़ी वजह

इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी मैना पटेल के नेतृत्व में उपनिरीक्षक राहुल अहिरवार, प्रधान आरक्षक नरवीर राणा आरक्षक संजय गुर्जर आरक्षक देवेंद्र साहू, सतेंद्र तोमर, जसवीर गुर्जर, नरेश भोज, नीरज यादव ने समन्वय के साथ कार्रवाई कर सफलता हासिल की। मुखबिर तंत्र, तकनीकी जानकारी और त्वरित दबिश का बेहतर तालमेल इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी ताकत रहा।

अपराधियों को साफ संदेश

मुरार थाना क्षेत्र में हुई इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस ने यह साबित कर दिया कि गंभीर अपराध करने वाले चाहे जितनी भी कोशिश कर लें, कानून की पकड़ से बच नहीं सकते। एसएसपी धर्मवीर सिंह के नेतृत्व, वरिष्ठ अधिकारियों की सतत मॉनिटरिंग और थाना प्रभारी मैना पटेल की टीम की सक्रियता ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि ग्वालियर पुलिस अपराधियों के खिलाफ लगातार आक्रामक और प्रभावी कार्रवाई कर रही है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और पुलिस जल्द पूरे गिरोह को कानून के शिकंजे में लाने की तैयारी में है।

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24/08/2026