बलराम कृषि महोत्सव में किसानों से संवाद, मध्यप्रदेश को बागवानी विकास में देश का पहला पुरस्कार मिलने पर जताई खुशी
भोपाल/बैतूल, 3 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकें, वैज्ञानिक खेती और नई योजनाओं का लाभ उठाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं तथा खेती को लाभकारी व्यवसाय बना सकते हैं। उन्होंने यह बात बैतूल में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बागवानी फसलों के विकास एवं विस्तार में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मध्यप्रदेश को देश का पहला पुरस्कार मिला है। उन्होंने इसे किसानों की मेहनत और राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम बताया।
उन्होंने बैतूल के किसानों की सराहना करते हुए कहा कि जिले ने मक्का उत्पादन के साथ-साथ गेहूं, धान और श्रीअन्न की खेती में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश यदि आज देश की “फूड बास्केट” बन रहा है, तो इसमें बैतूल के किसानों का महत्वपूर्ण योगदान है।
मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में लिए गए प्रमुख फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि:
मूंग उपार्जन की पात्रता सीमा 25% से बढ़ाकर 60% कर दी गई है।
स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 10 अगस्त और उपार्जन की अंतिम तिथि 20 अगस्त 2026 तक बढ़ाई गई है।
किसानों की सुविधा के लिए खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई है।
गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी समर्थन मूल्य के साथ बोनस देकर की गई।
धान उत्पादकों को 4,000 रुपये प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त सहायता दी जा रही है।
कोदो-कुटकी की खरीदी पर 1,000 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र के साथ तापी बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना का समझौता हो चुका है, जिससे बैतूल, बुरहानपुर और खंडवा क्षेत्र में सिंचाई क्षमता तथा भू-जल संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार खेत से बाजार तक पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला—फूड प्रोसेसिंग, वेयरहाउसिंग, कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और कृषि निर्यात—को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और खेती को वास्तविक अर्थों में लाभ का व्यवसाय बनाना है।

















