
गुना। गुना पुलिस ने एक बार फिर अपनी संवेदनशील और मानवीय कार्यशैली का परिचय देते हुए रात में रास्ता भटक गए एक 8 वर्षीय बालक को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाकर मिसाल पेश की है। पुलिस अधीक्षक हितिका वासल (IPS) के नेतृत्व में संचालित डायल-112 सेवा की त्वरित कार्रवाई से कुछ ही समय में मासूम को उसकी नानी के सुपुर्द कर दिया गया। इस पहल की परिजनों ने सराहना करते हुए पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची डायल-112 टीम
जानकारी के अनुसार, 2-3 अगस्त 2026 की रात राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना मिली कि गुना जिले के जामनेर बस स्टैंड के पास एक छोटा बच्चा अकेला घूम रहा है और अपने घर का रास्ता भूल गया है। सूचना मिलते ही जामनेर थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही (FRV) टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई।
आत्मीय बातचीत से खुला घर का सुराग
एफआरव्ही टीम में तैनात आरक्षक रमेश दोहरे और पायलट अर्जुन सिंह किरार ने बालक को सुरक्षित संरक्षण में लिया और धैर्य व आत्मीयता के साथ उससे बातचीत की। पूछताछ के दौरान बालक ने बताया कि वह अपनी नानी के घर आया था और रात में घर जाने की जिद में अकेले निकल पड़ा, जिसके कारण वह रास्ता भटक गया।
बालक द्वारा बताए गए संकेतों के आधार पर पुलिस टीम उसे जामनेर स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास लेकर पहुंची। आवश्यक सत्यापन के बाद बालक को सुरक्षित उसकी नानी के सुपुर्द कर दिया गया।
परिजनों ने जताया आभार
रातभर चिंता में डूबे परिजनों ने मासूम को सकुशल देखकर राहत की सांस ली। उन्होंने डायल-112 टीम की त्वरित कार्रवाई, संवेदनशील व्यवहार और मानवीय सेवा भावना की सराहना करते हुए गुना पुलिस का आभार व्यक्त किया।
जनसेवा का मानवीय चेहरा
यह घटना दर्शाती है कि गुना पुलिस अपराध नियंत्रण के साथ-साथ मानवीय मूल्यों और जनसेवा को भी प्राथमिकता दे रही है। डायल-112 जैसी आपातकालीन सेवा केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की घड़ी में नागरिकों की सहायता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी आम नागरिकों की सुरक्षा, सहायता और विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसी तरह त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई जारी रहेगी।

















