
ग्वालियर। मुरार थाना क्षेत्र में पुराने विवाद के चलते कट्टे से फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले आरोपियों के खिलाफ ग्वालियर पुलिस ने तेज़ कार्रवाई करते हुए महज 48 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं एक बाल अपचारी को अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया है। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष रणनीति
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर मध्य/यातायात) सुजावल जग्गा के निर्देशन तथा सीएसपी मुरार संदीप बांगरे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक मैना पटेल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। वरिष्ठ अधिकारियों की लगातार मॉनिटरिंग के चलते पुलिस ने कम समय में आरोपियों तक पहुंच बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया।
मुखबिर की सूचना से मिली बड़ी सफलता
जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित आरोपी सिंहपुर रोड क्षेत्र में मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर तीन संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान अमन बघेल, तरुण उर्फ शेरा यादव तथा एक बाल अपचारी के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान तीनों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद दोनों आरोपियों को विधिसम्मत गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि बाल अपचारी को अभिरक्षा में भेजा गया।
मुख्य आरोपी की निशानदेही पर बरामद हुई देशी पिस्टल
गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी अमन बघेल की निशानदेही पर पुलिस ने खुरेरी-बड़ागांव क्षेत्र से घटना में प्रयुक्त देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया। पुलिस का कहना है कि हथियार की बरामदगी से विवेचना को महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं और फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
सीसीटीवी कैमरों ने भी निभाई अहम भूमिका
मुरार थाना क्षेत्र में जनसहयोग से लगाए गए सीसीटीवी कैमरे इस मामले के खुलासे में पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित हुए। कैमरों से मिले फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने फरार आरोपियों की पहचान कर ली है। यह घटना पुलिस और आमजन की साझेदारी से अपराध नियंत्रण की प्रभावशीलता को भी दर्शाती है।
अपराधियों को सख्त संदेश, जनता में बढ़ा भरोसा
खुलेआम फायरिंग जैसी गंभीर वारदात के बाद जिस तेजी और पेशेवर तरीके से मुरार पुलिस ने कार्रवाई की, उससे अपराधियों को स्पष्ट संदेश गया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है। वहीं त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा और पुलिस पर विश्वास भी मजबूत हुआ है।
टीमवर्क बना सफलता की सबसे बड़ी वजह
इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी निरीक्षक मैना पटेल के नेतृत्व में उपनिरीक्षक बृह्मानन्द शर्मा, प्रधान आरक्षक हरवीर यादव, आरक्षक संजय गुर्जर, सतेन्द्र तोमर, देवेन्द्र साहू और जसवीर गुर्जर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वरिष्ठ अधिकारियों के प्रभावी नेतृत्व और पुलिस टीम की सक्रियता ने एक बार फिर साबित किया कि योजनाबद्ध पुलिसिंग से गंभीर अपराधों का भी त्वरित खुलासा संभव है।

















